जयपुर, मार्च 2026.
संपर्क फाउंडेशन ने आज राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में ‘एआई फॉर एजुकेशन इम्पैक्ट’ राज्य स्तरीय संवाद का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने किया। इस अवसर पर कृष्ण कुणाल (सचिव, स्कूल शिक्षा), रवि कुमार सुरपुर (सचिव, DoIT&C) के साथ संपर्क फाउंडेशन के विनीत नायर और राजेश्वर राव भी उपस्थित रहे। इस संवाद में राज्य के वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों, 'समग्र शिक्षा' के प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों और तकनीक व नीति विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह सरकारी स्कूलों में सीखने के परिणामों को और बेहतर बना सकता है।
चर्चा के दौरान एक बुनियादी सवाल उठाया गया—जब भारत में प्राथमिक स्तर पर नामांकन 95% से अधिक हो चुका है और स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार है, तो फिर भी कई बच्चे पढ़ना-लिखना और साधारण गणित क्यों नहीं सीख पा रहे हैं? क्या एआई इस स्थिति को बदल सकता है? विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि एआई का इस्तेमाल शिक्षकों के कौशल को बढ़ाने और उनकी मदद के लिए होना चाहिए, न कि उन्हें बदलने के लिए। राष्ट्रीय विजन को राज्य स्तर पर लागू करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में तीन पैनल चर्चाएं हुईं, जिनमें शिक्षा से जुड़े फैसलों में एआई की भूमिका और बच्चों के भविष्य पर इसके प्रभाव पर विचार किया गया।
संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमैन विनीत नायर ने कहा, “करीब 20 साल पहले हमने एक सरल विश्वास के साथ शुरुआत की थी: सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले हर बच्चे को वैसी ही शिक्षा मिलनी चाहिए जैसी किसी बेहतरीन निजी स्कूल के बच्चे को मिलती है। तकनीक का काम इस लक्ष्य के करीब पहुँचाना है, न कि इसे उलझाना। यदि सही ढंग से उपयोग किया जाए, तो एआई लेसन प्लानिंग को सरल बनाकर शिक्षकों की मदद कर सकता है और कक्षा में पढ़ाई को बच्चों की जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत और प्रभावी बना सकता है। राजस्थान जैसे राज्यों के साथ हमारी साझेदारी जैसे-जैसे गहरी हो रही है, हमारा ध्यान ऐसे क्लासरूम बनाने पर है जहाँ जिज्ञासा पनपे और सीखने के नतीजे वास्तव में बेहतर हों।”
तकनीक-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में संपर्क फाउंडेशन के 20 साल पूरे होने के मौके पर संस्था राजस्थान में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रही है। इसके तहत राज्य में अकेले फाउंडेशन द्वारा 27 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। अब तक संस्था राजस्थान के 11,000 सरकारी स्कूलों में 9 लाख बच्चों तक पहुँच चुकी है और 56,000 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुकी है। संस्था ने इस क्षेत्र में 7,000 स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए हैं और 10,000 और बनाने की योजना है।
राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा, “यदि शिक्षा प्रणाली में सही ढंग से एकीकृत किया जाए, तो एआई में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने की बड़ी क्षमता है। राजस्थान ऐसे नवाचारों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो शिक्षकों को सशक्त बनाएं, कक्षा में बच्चों की भागीदारी बढ़ाएं और शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाएं। संपर्क फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी से तकनीक, शिक्षण पद्धति और नीतियों को जोड़कर बच्चों के लिए बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद मिलती है।”
कृष्णा कुनाल, सचिव (स्कूल शिक्षा), राजस्थान सरकार ने कहा, "सरकारी स्कूलों में बुनियादी साक्षरता और अंक ज्ञान को बेहतर बनाने की दिशा में तकनीक एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, बशर्ते इसे शिक्षकों और छात्रों की ज़रूरतों के हिसाब से तैयार किया जाए। ऐसे प्लेटफॉर्म जो पाठ की तैयारी (lesson preparation) को सरल बनाते हैं, व्यवस्थित कंटेंट देते हैं और रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराते हैं, वे शिक्षकों को प्रशासनिक कामों के बोझ से मुक्त कर पढ़ाने पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद करेंगे।"
इस संवाद का मुख्य केंद्र ‘संपर्क एआई फ्रेमवर्क’ था, जो एक बड़ी चुनौती का समाधान करता है: सरकारी प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक अपना लगभग 81% समय प्रशासनिक कार्यों और तैयारी में बिताते हैं, जिससे वास्तविक पढ़ाई के लिए केवल 19% समय ही बच पाता है। यह फ्रेमवर्क लेसन प्लानिंग और रिपोर्टिंग जैसे कामों को ऑटोमेट (स्वचालित) करके और ऑफलाइन-फर्स्ट मल्टीमीडिया कंटेंट प्रदान करके शिक्षकों के उस कीमती समय को बचाने में मदद करता है।
इस कार्यक्रम के साथ संपर्क फाउंडेशन के एआई-आधारित 'रियल-टाइम क्लासरूम मॉनिटरिंग और गवर्नेंस प्लेटफॉर्म' की शुरुआत की भूमिका भी तैयार हो गई है, जिसे 80,000 सरकारी स्कूलों में निःशुल्क लागू किया जाएगा। इसके जरिए जिला और ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारी क्लासरूम डेटा और बच्चों की भागीदारी पर नजर रख सकेंगे। इससे पिछड़ने वाले स्कूलों की पहचान कर, प्रशासनिक बोझ बढ़ाए बिना तुरंत सुधार के कदम उठाए जा सकेंगे।